दिल केह रहा उसे मुकम्मल कर भी आओ
वो जो अधूरी सी बात बाकी है...!"
सिर्फ ये एक लाइन ...!
और तुम किसी के लिए कुछ करना चाहते हो वो सारी अधूरी बातें ,सारी अधूरी ख्वाहिशें,
जो सिर्फ तुम्हारे दिल तक रेह गई है,
इस गाने की ये लाइन तुम्हें सारी उलझन और कश्मकश से एक रास्ता दिखाएगी
खुद के लिए कुछ करना होगा तो भी ये लाइन तुम्हें खुद से मिलाएगी और किसी और इंसान से कुछ नाता जुड़ा होगा,
किसी और के लिए कुछ करना होगा, बिना किसी उम्मीद के तो भी ये लाइन तुम्हें उस से मिलाएगी।
और इस गाने में इस लाइन को सुनते वक़्त जो चहेरा बंध आंखो में तुम्हारे सामने आएगा ना..!वो शक्स!वो इंसान! ये वो इंसान होगा जिससे तुम आज निश्वार्थ प्रेम करते हो!
मैं ये तो नहीं कह सकती कि कल भी तुम्हें उसिसे मोहब्बत होगी और उतनी ही होगी पर जो चेहरा आज तुम्हारी बंध आंखो में है ना ये वो शक्स है जो तुम्हारा आज है!
जिसके लिए तुम कुछ करना चाहते हो !
चाहे वो चाई बनाके पिलाने जितनी एक छोटी सी खाहिश ही क्यों ना हो!
ये वो शख़्स है,
जहां रिश्ते में कायनात का कुसूर भी हो!
जहां तुम हर राह भूल कर एक मोड़ पर वहां ठहेर जाते हो!
जहां कुछ समज आए या ना आए पर जहां कोई तो राबता है!- ये एहसास दिलाता हो।
जहां किसी मोड़ पर तुम अक्सर ही उस से ना मिल कर भी मिल जाते हो,
जिसके संग कुछ तो रुकी सी चाह बाकी हो!
तुम खुद में पूरे हो पर कुछ अधूरापन हो जो तुम्हें उसके संग पूरा होने का एहसास दिलाता हो!
चाहे वो कहीं अनकही सिर्फ बातें ही क्यों ना हो,
ये वो शख़्स है जो तुम्हारा आज है!
बाकी अरिजीत की सुननी ना सुननी तुम पर है,कुछ मुकम्मल करना ना करना ये अलग बात है पर खुद के दिल की आवाज़ तुम्हें ज़रूर सुनाई देगी,जो तुम मुकम्मल करना चाहते हो!
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